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कृपया ध्यान दे


1. पुन: सत्यापन हेतु प्रस्तावित प्रकरणो की सूची डाउन्लोड करें

2. सभी प्रकरणो का सावधानी पूर्वक जिला कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारी / दल के द्वारा मौके पर जा कर सत्यापन किया जाना है.

3. प्रकरण के पात्र पाये जाने की स्थिती में जांच प्रतिवेदन व अनुषंशा को 3 दिवस में पोर्टल पर दर्ज किया जाना है व कलेक्टर द्वारा जारी प्रमाण पत्र की प्रति की स्केनेड प्रति भी पोर्टल पर 3 दिवस में अपलोड की जाना है।

4. प्रमाण पत्र, जांच प्रतिवेदन व अनुशंशा के पोर्टल पर अपलोड करने के अधिकार कलेक्टर कार्यालय को है, इस कार्य हेतु उन्हे विशेष यूसर नेम वा पासवर्ड उपलब्ध कराया जावेगा।

5. प्रमाण पत्र, जांच प्रतिवेदन व अनुशंशा के पोर्टल पर अपलोड ना स्थिति में प्रकरण को स्वतः ही आपत्र माना जावेगा

6. प्रमाण पत्र की स्केन्ड कॉपी कॉपी स्पष्ट व अच्छी होनी चाहिए जिसे आसानी से पड़ा जा सके | प्रमाण पत्र की स्केन्ड कॉपी स्पष्ट व अच्छी नहीं होने की स्थिति मे आवेदक प्रकरण किया जा सकता है |